पराली जला मिला तो इसमें प्रधान, सेक्रेटरी, एडीओ पंचायत व लेखपाल को भी दोषी मानते
महराजगंज। डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने मंगलवार को सदर तहसील सभागार कक्ष में धान की पराली जलाए जाने पर रोक लगाने को लेकर प्रधानों, सेक्रेटरी व लेखपालों के साथ बैठक की। कहा कि गांव में पराली जला मिला तो इसमें प्रधान, सेक्रेटरी, एडीओ पंचायत व लेखपाल को भी दोषी मानते हुए उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन हर हाल में किया जाए। पराली जलाये जाने में सर्वप्रथम ग्राम प्रधान,लेखपाल,एडीओ पंचायत व सेक्टेरी को दोषी माना जायेगा।
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गांव में सबसे पहले इनकी जिम्मेदारी बनती है कि वह पराली जलाने वालों को रोकें और जो जलाएं उसका चिह्नित करें। उन्होंने कहा कि प्रधान अपने गावों में बैठक कर किसानों को बतायें कि पराली जलाने से खेत के साथ पर्यावरण का नुकसान होता है। तहसील, ब्लाक व थानों पर भी बैठक कर किसानों को जागरूक किया जाए। डीएम ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मामले में आने वाले फैसले के बारे में भी सचेत रहने की अपील की।
कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा किसी प्रकार का फेसबुक, ह्वाट्सएप व अन्य माध्यम से गलत सूचनाओं को अदान प्रदान करने से रोका जाय। गलत व भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शान्ति व्यवस्था को बनाये रखने में मदद करें। पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवान ने कहा कि पराली जलाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जुर्माना वसूल करने की कार्रवाई करें। पराली जलाने से परहेज करें। यदि कोई किसान नहीं मानता है तो उसके खिलाफ दोनों दंड लगाया जाए।
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