काठमांडू भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी में प्रस्तावित अंर्तराष्टीय बौद्ध सम्मेलन पर कोरोना का ग्रहण लग सकता है।
काठमांडू भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी में प्रस्तावित अंर्तराष्टीय बौद्ध सम्मेलन पर कोरोना का ग्रहण लग सकता है।सम्मेलन की तैयारी थम गई है।नेपाल पर्यटन मंत्रालय के सूत्रों से खबर मिली है कि कोरोना वायरस के चलते अंर्तराष्टीय बौद्ध सम्मेलन की तिथि परिवर्तन हो सकती है।
बता दें कि भारत सीमा से एक दम सटे नेपाल के लुंबिनी में तीसरे अंर्तराष्टीय बौद्ध सम्मेलन की तैयारी जोर शोर चल रहा था,जिसकी रफ्तार काफी धीमी हो गई है।एक से सात मई तक चलने वाले इस सम्मेलन में अलग अलग तिथियों में अलग अलग कार्य क्रम तय हो चुके हैं और इसके लिए कई समितियों का गठनकर सबको अलग अलग जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है।पांच मई के मुख्य कार्यक्रम अंर्तराष्टीय बौद्ध सम्मेलन के लिए बौद्धिष्ट देशों के अलावा अन्य कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है।इ
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स बीच दुनिया भर में मौत का प्रयाय बन चुका कोरोना वायरस ने अंर्तराष्टीय बौद्ध सम्मेलन पर ब्रेक लगा दिया। सम्मेलन में बुद्ध अनुयायी वाले देशों समेत अन्य देशों से करीब बीस हजार लोगों के हिस्सा लेने की संभावना है। नेपाल चूंकि स्वयं कोरोना को लेकर सतर्क है इसलिए वह ऐसा कोई जोखिम नहीं उठाना चाहेगा जिससे उसे स्वास्थ्य संकट से जूझना पड़े लिहाजा सम्मेलन की तिथि परिवर्तन की मंत्रणा सरकार स्तर पर चल रही है।सरकार की ओर से अधिकृत रूप से अभी ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है लेकिन पर्यटन मंत्रालय के एक अधिकारी ने दबे जुबान कहा कि कोरोना के कारण आमंत्रित देशों के अतिथियों के न आने कि संभावना को देखते हुए सम्मेलन के तिथि में परिवर्तन संभव है।
कोरोना वायरस का उद्गम स्थल चीन है।चीनी नागरिकों का नेपाल भ्रमण अन्य देशों की अपेक्षा सर्वाधिक है ऐसे में नेपाल में कोरोना की मौजूदगी की आशंका और दहशत बना हुआ है। नेपाल स्वास्थ्य मंत्रालय ने हालांकि स्पष्ट कर दिया है कि नेपाल में इस वायरस का कोई असर नहीं है और न ही कोई मरीज है बावजूद इसके डर है जो नहीं जा रहा।
कोरोना: अंर्तराष्टीय बौद्ध सम्मेलन की तिथि परिवर्तन पर मंत्रणा
काठमांडू.भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी में प्रस्तावित अंर्तराष्टीय बौद्ध सम्मेलन पर कोरोना का ग्रहण लग सकता है।सम्मेलन की तैयारी थम गई है।नेपाल पर्यटन मंत्रालय के सूत्रों से खबर मिली है कि कोरोना वायरस के चलते अंर्तराष्टीय बौद्ध सम्मेलन की तिथि परिवर्तन हो सकती है।
बता दें कि भारत सीमा से एक दम सटे नेपाल के लुंबिनी में तीसरे अंर्तराष्टीय बौद्ध सम्मेलन की तैयारी जोर शोर चल रहा था,जिसकी रफ्तार काफी धीमी हो गई है।एक से सात मई तक चलने वाले इस सम्मेलन में अलग अलग तिथियों में अलग अलग कार्य क्रम तय हो चुके हैं और इसके लिए कई समितियों का गठनकर सबको अलग अलग जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है।पांच मई के मुख्य कार्यक्रम अंर्तराष्टीय बौद्ध सम्मेलन के लिए बौद्धिष्ट देशों के अलावा अन्य कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है।
इस बीच दुनिया भर में मौत का प्रयाय बन चुका कोरोना वायरस ने अंर्तराष्टीय बौद्ध सम्मेलन पर ब्रेक लगा दिया। सम्मेलन में बुद्ध अनुयायी वाले देशों समेत अन्य देशों से करीब बीस हजार लोगों के हिस्सा लेने की संभावना है। नेपाल चूंकि स्वयं कोरोना को लेकर सतर्क है इसलिए वह ऐसा कोई जोखिम नहीं उठाना चाहेगा जिससे उसे स्वास्थ्य संकट से जूझना पड़े लिहाजा सम्मेलन की तिथि परिवर्तन की मंत्रणा सरकार स्तर पर चल रही है।सरकार की ओर से अधिकृत रूप से अभी ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है लेकिन पर्यटन मंत्रालय के एक अधिकारी ने दबे जुबान कहा कि कोरोना के कारण आमंत्रित देशों के अतिथियों के न आने कि संभावना को देखते हुए सम्मेलन के तिथि में परिवर्तन संभव है।
कोरोना वायरस का उद्गम स्थल चीन है।चीनी नागरिकों का नेपाल भ्रमण अन्य देशों की अपेक्षा सर्वाधिक है ऐसे में नेपाल में कोरोना की मौजूदगी की आशंका और दहशत बना हुआ है। नेपाल स्वास्थ्य मंत्रालय ने हालांकि स्पष्ट कर दिया है कि नेपाल में इस वायरस का कोई असर नहीं है और न ही कोई मरीज है बावजूद इसके डर है जो नहीं जा रहा।
