जिले को खुले में शौचमुक्त घोषित कर दिया गया है। वहीं शौचालय निर्माण की मांग को लेकर अक्सर फरियादी अधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर लगाने को विवश हैं।
जिले को खुले में शौचमुक्त घोषित कर दिया गया है। वहीं शौचालय निर्माण की मांग को लेकर अक्सर फरियादी अधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर लगाने को विवश हैं। संपूर्ण समाधान दिवस में घुंघट में दुल्हन पहुंची तो सभी दंग रह गए। पहले तो लोगों ने सोचा की कोई मामला होगा। लेकिन जब उसने एसडीएम को पत्र सौंपा तो पूरी कहानी सामने आ गई। सभी को शौचालय देने का दावा करने वाले अधिकारियों की पोल खुल गई। दुल्हन ने घुंघट में ही अपनी पीड़ा को बयां करते हुए इज्जत घर निर्माण कराने की मांग की। साहब ने भी उसे आश्वासन देकर घर भेज दिया।
- Now Is the Time to Think About Your Small-Business Success
- Program Will Lend $10M to Detroit Minority Businesses
- Kansas City Has a Massive Array of Big National Companies
- Olimpic Athlete Reads Donald Trump’s Mean Tweets on Kimmel
- The Definitive Guide To Marketing Your Business On Instagram
निचलौल तहसील क्षेत्र के गांव बंदी विशुनपुरा के निवासी अजय की शादी छह वर्ष पहले खमहौरा के टोला बंजारी में सुमन से हुआ है। शादी के बाद अजय अपनी दुल्हन सुमन को विदाई कराकर घर लाया। सुमन ससुराल आई तो पता चला कि शौचालय नहीं है। इस पर उसने अपने पति से नाराजगी जाहिर की। पति ने आश्वासन दिया कि शौचालय बनवा दिया जाएगा। पत्नी के एतराज करने पर अजय तभी से सरकारी शौचालय लेने का प्रयास करता रहा लेकिन शौचालय नहीं मिल सका।
इसी बीच मंगलवार को नाराज दुल्हन सुमन ने घूंघट की आड़ में शौचालय की मांग करने खुद साहब के दर पर पहुंच गई। उसका कहना है कि अभी भी गांव में इज्जत घर बनवाने के लिए कारगर पहल नहीं की गई है। दुल्हन सुमन के दो बच्चे अंश और महिमा हैं। सुमन इंटर तक की पढ़ाई की है। वहीं परिवार के लिए दो वक्त की रोटी चलाने के लिए उसका पति अजय ठेले पर दुकान चलाता है। सुमन ने बताया कि अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शौचालय निर्माण कराया जाएगा।
खंड विकास अधिकारी रविंद्र वीर यादव ने बताया कि मौके पर जांच के बाद शौचालय निर्माण कराया जाएगा। प्राथमिकता के आधार शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है।
Source :- amarujala.com
