YES BANK के रीस्ट्रक्चरिंग को कैबिनेट मंजूरी भी मिल गई है।
मोदी कैबिनेट की आज यानी शुक्रवार को कई मामलों पर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें 6 अहम फैसले लिए गए। इनमें केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता 4% बढ़ा दिया गया तो वहीं YES BANK के रीस्ट्रक्चरिंग को कैबिनेट मंजूरी भी मिल गई है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि कैबिनेट ने आज यस बैंक के रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी दे दी है। भारतीय स्टेट बैंक, यस बैंक की 49 प्रतिशत इक्विटी में निवेश करेगा, अन्य निवेशकों को भी निवेश के लिये कहा जा रहा है।
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सरकार ने वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए यस बैंक पर एक महीने के मोराटोरियम का ऐलान किया था, जिसके बाद आरबीआई ने यस बैंक का रीकंस्ट्रक्शन प्लान पेश किया था। वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार ने जो भी फैसले लिए हैं वह यस बैंक के खाताधारकों के हित में किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि, SBI तीन साल तक यस बैंक में कम से कम 26 फीसदी हिस्सेदारी रखेगा। यस बैंक ऑथराइज्ड कैपिटल 1100 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 6200 करोड़ रुपए कर दिया है। एसबीआई यस बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी लेगा। एसबीआई के लिए यस बैंक में 26 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी के लिये तीन साल की बंधक अवधि होगी। इसी प्रकार अन्य निवेशकों के मामले में 75 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी के लिये भी इतने ही समय की बंधक अवधि होगी।
वहीं केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने बताया कि 1 जनवरी 2020 से 48 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशनर्स के महंगाई भत्ते में 4 फीसदी का इजाफा किया गया है। इसी के साथ केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता मौजूदा 17 फीसदी से बढ़कर 21 फीसदी हो गया है। इस पर सरकार को कुल 14,595 करोड़ रुपए खर्च करने होंगे।






