लॉकडाउन के कारण नेपाल में क्वारंटीन किए गए भारतीय नागरिकों को शनिवार को नेपाली प्रशासन ने भारतीय प्रशासन को सौंप दिया
लॉकडाउन के कारण नेपाल में क्वारंटीन किए गए भारतीय नागरिकों को शनिवार को नेपाली प्रशासन ने भारतीय प्रशासन को सौंप दिया। सरहद पर एसडीएम नौतनवा जसधीर सिंह तथा सीओ राजू कुमार साव ने इनको रिसीव किया। इन सभी को सोनौली व नौतनवा में बने क्वारंटीन में शिफ्ट किया गया है। इन लोगों का रैंडम नमूना लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा और जांच में सामान्य पाए जाने पर ये सभी अपने घरों को भेजे जाएंगे।
- तीन अंतरजनपदीय वाहन चोर गिरफ्तार, चोरी की तीन बाइक बरामद
- जब सड़क बनी तालाब तो ग्रामीणों ने उसमे बो दिया धान
- बाल श्रम दिवस पर जीडी नेशनल स्कूल का जागरूकता अभियान
- सोनौली बॉर्डर पर 2.3 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद, तमिलनाडु का युवक गिरफ्तार
- डायल 112 बनी परीक्षार्थी की मददगार, हूटर बजाते समय पर पहुंचाया परीक्षा केंद्र
लॉकडाउन के कारण नेपाली सीमा में फंसे भारतीय नागरिकों को भैंरहवा के क्वारंटीन में रखा गया था। शनिवार को सोनौली पहुंचने पर इन 152 लोगों में से 41 को नौतनवा इंटर कालेज नौतनवा और 111 लोगों को दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय सोनौली में क्वारंटीन किया गया।
एसडीएम जसधीर सिंह ने बताया कि भारतीय नागरिकों का रैंडम सैम्पल लेकर कोविड-19 की जांच के लिए भेजा जाएगा। साथ ही इन नागरिकों की जिलेवार सूची बनायी जा रही है, ताकि उसी हिसाब से इन्हें इनके घरों को भेजा जा सके। इनकी रिपोर्ट निगेटिव आने पर इन्हें इनके घरों को भेज दिया जाएगा।
नौतनवां और सोनौली मे क्वारंटीन 196 नेपाली नागरिकों को नेपाल में मिली एंट्री
भारत एवं नेपाल में लॉकडाउन के कारण पिछले 25 दिनों से नौतनवा तथा सोनौली में क्वारंटीन किये गये 196 नेपाली नागरिकों को शनिवार को अपने वतन जाने की अनुमति मिल गयी। इसके बाद इन्हें नेपाल प्रशासन को सुपुर्द कर दिया गया। इन नागरिकों में दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति सोनौली में क्वारंटीन किये गये 112 नागरिक तथा माडर्न एकेडमी नौतनवा में क्वारंटीन किये गये 84 नेपाली शामिल हैं। 31 मार्च को इन नागरिकों को क्वारंटीन किया गया था। इन्हें रोडवेज की बसों से नेपाल सीमा पार भेजा गया। नेपाल में इन्हें नेपाली बसों से इनके गन्तव्य स्थान को भेजा गया। इन्हे लेने आए नेपाल के रूपनदेही के शसस्त्र पुलिस डीएसपी मान बहादुर शाही ने बताया कि सभी नेपाली नागरिकों को नेपाल की सरकारी बसों द्वारा उनके घरों को भेजा जा रहा है।






