नई दिल्ली लालच बुरी बला है। यह कहावत हम बचपन से सुनते चले आ रहे हैं। समय के साथ दुनिया भले ही कितनी भी आगे बढ़ गई हो, लेकिन इस कहावत का महत्व आज भी जस का तस है। जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी का विस्तार होता जा रहा है, लालच का बाजार भी उतना ही बढ़ता जा रहा है। साथ ही बढ़ती जा रही है आपको होने वाले नुकसान की गुंजाइश।
‘आपका बैंक दे रहा है रिवार्ड पॉइंट के बदले कैश। लिंक पर जाएं और क्लेम कर लें।’ ‘रिजर्व बैंक के गवर्नर ने आपको 50 लाख रुपये के इनाम के लिए चुना है। अपनी जानकारी साझा करें और पैसे खाते में पाएं।’ ये उन संदेशों की बानगी है, जो अक्सर फोन या ईमेल पर आप देखते होंगे। इन संदेशों में केवल आपकी एक ही आदत को भुनाने की कोशिश होती है, वह है लालच।
- हाजी अजहर खान इंटर कॉलेज ने महराजगंज महोत्सव में बिखेरी प्रतिभा की चमक
- चेयरमैन प्रतिनिधि ने कराई नगर पंचायत परतावल में स्थित कर्बला मैदान की साफ़ सफ़ाई
- केले की फसल नष्ट कर दिया जान से मारने की धमकी
- नवागत अधिशासी अधिकारी अवनीश यादव ने किया कार्यभार ग्रहण
- अवैध ढंग से पोखरी में खनन कर रही जेसीबी को पुलिस ने पकड़ा
डेबिट या क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाला रिवार्ड पॉइंट आमतौर पर किसी ऑनलाइन खरीदारी में ही इस्तेमाल हो पाता है। उसमें भी एक रिवॉर्ड पॉइंट की कीमत करीब 20 से 25 पैसे ही होती है। ऐसे में अगर आपको कोई कहे कि बैंक रिवार्ड पॉइंट के बदले उतना ही कैश देगा, तो मन में थोड़ी लालच आ ही जाती है। यही लालच आपको बड़े धोखे का शिकार बना सकती है।
इन दिनों मैसेज और ईमेल से एक कदम
आगे बढ़ते हुए धोखा देने का नया तरीका भी सामने आया है। ऐसे जालसाज आपके पास दूर के किसी रिश्तेदार के नाम से फोन करते हैं। अक्सर इस तरह का फोन कुछ-कुछ दिन के अंतराल पर आता रहता है। शुरुआती दिनों में बात सिर्फ हालचाल पूछने तक सीमित रहती है। बाद में जब उन्हें लगता है कि आपका भरोसा मजबूत हो चुका है, तब किसी बहाने से वो आपकी बैंकिंग डिटेल मांगते हैं। यही डिटेल आपके खाते में सेंध की वजह बन जाती है।

ऐसे फ्रॉड से कैसे बचें?
रिजर्व बैंक और अन्य निजी व सरकार बैंक समय-समय पर ऐसे फ्रॉड से बचने के लिए चेतावनी जारी करते रहते हैं। हर चेतावनी का मूल यही है कि बैंकिंग से जुड़ी ऐसी कोई जानकारी किसी से साझा नहीं करें, जिससे खतरा हो। आपके कार्ड का पूरा नंबर, उसकी एक्सपायरी डेट, सीवीवी नंबर, कार्ड का पिन, आपका अकाउंट नंबर, जन्मदिन और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, ये ऐसी जानकारियां हैं जिन्हें एक साथ कहीं भी देने की जरूरत नहीं होती। यहां तक कि बैंक का प्रतिनिधि भी किसी काम के लिए आपसे ये सभी जानकारियां नहीं मांग सकता है। सीवीवी, ओटीपी और पिन के बारे में आपके अलावा किसी को भी जानने का अधिकार नहीं होता। अगर कोई इनमें से कुछ भी जानने का प्रयास करे, तो सतर्क हो जाएं। यह केवल आपको ठगने का प्रयास है।
यह भी रखें ध्यान
रिजर्व बैंक कभी किसी को लॉटरी नहीं देता और कोई बैंक रिवार्ड पॉइंट को इस तरह कैश में नहीं बदलता। ऐसे किसी ऑफर का ईमेल या मैसेज मिले, तो अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से बैंक के कस्टमर केयर पर फोन कर लें। कभी भी भूलकर जानकारियां फोन पर या ईमेल पर साझा नहीं करें।
Sources :- jagran.com