बुलडोजर दौड़ा तो बदल गया सक्सेना चौराहे का भूगोल
महराजगंज। हाइवे चौड़ीकरण में महराजगंज नगर के मुख्य सक्सेना चौराहे का भूगोल बदल गया है। कभी इस चौराहे नगर पुलिस चौकी व जिला परिषद की दुकानों के बीच महज सात मीटर चौड़ी सड़क थी। जब भी दो तरफ से बड़े वाहन आ जाते थे, चौराहा जाम हो जा रहा था, लेकिन मुख्य चौराहे पर बुलडोजर ने दो दिन अतिक्रमण को इस कदर ध्वस्त कर मलवा हटाया कि अब चौराहा सौ फुट से अधिक चौड़ा हो गया है।
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मुख्य चौराहे से बलिया नाला पुल के पार का नजारा दिख रहा है।पीलीभीत से पडरौना तक जाने वाली एनएच 730 हाइवे मार्ग शहर में चौड़ा किया जा रहा है। इसको लेकर घमासान मचा है। कुछ लोग खुद ही अपने हाथ से अतिक्रमण हटा रहे हैं। सड़क चौड़ा करने के लिए सरकारी इमारतों पर ही बड़े पैमाने पर बुलडोजर चलाया गया है। रविवार को गोरखपुर रोड पर पड़ने वाली पुरानी तहसील के सभी कमरे ध्वस्त कर दिए गए। सोलह मीटर ही तोड़ना था, लेकिन तहसील में उससे अधिक तोड़फोड़ हुई है।सांसद-विधायक व प्रशासन के खिलाफ भड़के व्यापारी हाइवे चौड़ीकरण में रविवार को व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा।
अतिक्रमण हटाने के नाम पर बिना पक्ष सुने ही तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए नाराज व्यापारियों ने सांसद-विधायक व प्रशासन के खिलाफ मुख्य चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। व्यापारियों का कहना था कि कई दशक से चली आ रही दुकान अब सड़क चौड़ीकरण के नाम पर तोड़ी जा रही है। इसमें से अधिकांश दुकान ऐसी हैं, जिनकी जमीन रजिस्ट्री से खरीदी गई है, लेकिन निर्माण एजेंसी कुछ सुनने को तैयार नहीं है। मकान व दुकान को तोड़ दिया जा रहा है। व्यापारी व लोग परेशान हैं। प्रशासन कुछ सुनने को तैयार नहीं है। आरोप लगाया कि सांसद व विधायक भी जिला छोड़ दिए हैं। विरोध-प्रदर्शन में शैल जायसवाल, राधेश्याम श्रीवास्तव, राज नारायण लाल, अशोक, शिब्बू जायसवाल, सूरज, सत्तन वर्मा, विनोद मोदनवाल, शिव पटवा, लवकुश पांडेय आदि शामिल रहे। कइयों का चमका भाग्य, दर्जनों हुए बेघरहाइवे चौड़ीकरण से नगर में गम व खुशी दोनों का माहौल है।
सड़क चौड़ी करने से कई लोगों का मकान हाइवे पर आ गया है। वहीं दर्जनों ऐसे लोग हैं, जिनका मकान व दुकान अतिक्रमण के नाम पर ध्वस्त कर दिया गया है। वे बेघर हो गए हैं। कानूनी दांव-पेच भी जारीमुख्य चौराहे के फरेंदा रोड पर हाइवे चौड़ीकरण के दौरान कुछ लोग कानूनी दावपेंच भी आजमा रहे हैं। एक स्टे आर्डर को भी सामने लाया जा रहा है। वहीं एक पक्ष ने रविवार को डीएम, एसपी व एनएच के अधिकारियों को पत्र भेजकर बताया कि वह जमीन जमीन तीन हिस्से में बंट चुकी है।
सार्वजनिक सड़क निर्माण में यदि उस भवन/जमीन की आवश्यकता है तो मुआवजा दिलवाकर मकान तोड़वाएं। सड़क निर्माण कराएं।अधिग्रहण का प्रस्ताव नहीं, सरकारी भूमि पर निर्माण एनएच 730 हाइवे मार्ग के निर्माण को लेकर दाखिल एक आरटीआई के जवाब में राष्ट्रीय मार्ग कार्यालय कार्य अधीक्षक ने बताया है कि हनुमानगढ़ी से लेकर कोतवाली तक या नगर सीमा में भूमि अधिग्रहण का कोई प्रस्ताव नहीं है। उपलब्ध सरकारी भूमि पर निर्माण किया जा रहा है।
Source :- www.livehindustan.com
