वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद अब लोगों के घर पर 11 दिन में पासपोर्ट पहुंच जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने एम पासपोर्ट एप सेवा वाले जिलों के लिए नई गाइड लाइन जारी कर दी है।
कानपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में एम पासपोर्ट एप की शुरुआत हो गई है। यहां आवेदन करते ही एक दिन में पासपोर्ट सेवा केन्द्र में सत्यापन का समय मिलेगा। कागजात के सत्यापन के बाद आवेदनकर्ता का ब्योरा उसी शाम 6 बजे से पहले जिले के एम पासपोर्ट एप पर भी पहुंच जाएगा। पुलिस को तीन दिन में सत्यापन कर आवेदनकर्ता की फाइल को पासपोर्ट विभाग को भेजना होगा। ऐसा न करने पर पुलिस को नोटिस दिया जाएगा।
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आवेदनों के निस्तारण पर ही जिलावार पुलिस को रैंकिंग दी जाएगी। नए बदलाव में यह भी प्रावधान रखा गया है कि अगर सत्यापन के 11 दिन के अंदर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट नहीं लगाई तो यह मान लिया जाएगा कि उसने आवेदनकर्ता का सत्यापन कर दिया है और पासपोर्ट जारी कर दिया जाएगा।
30 रुपए से ज्यादा फीस ली तो कार्रवाई
विदेश मंत्रालय ने जन सुविधा केन्द्रों को पासपोर्ट के लिए आवेदन कराने के अधिकार दिए हैं। आवेदनकर्ता की पासपोर्ट फीस भी केन्द्र संचालक अपने लॉगइन से जमा कर सकते हैं। हालांकि, आवेदन फॉर्म भरने की फीस 30 रुपए से ज्यादा नहीं ले सकेंगे। अभी केन्द्र संचालक किसी से 100 तो किसी से 500 रुपए तक ले रहे हैं। इसी मनमानी पर हिदायत दी गई है। आगे शिकायत आएगी तो केन्द्र के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।
जिन जिलों में एम पासपोर्ट एप शुरू हो रहा है, वहां के आवेदनों पर 11 दिन की निश्चित अवधि में घर तक पासपोर्ट पहुंचाने के निर्देश जारी किए गए हैं।






