लोकसभा चुनाव 2019: जानिए वाराणसी में पीएम मोदी को सपा से टक्कर देने वाले कौन हैं तेज बहादुर

समाजवादी पार्टी ने वाराणसी लोकसभा सीट में नामांकन के अंतिम वक्त पर अपना प्रत्याशी बदल दिया है।

समाजवादी पार्टी ने वाराणसी लोकसभा सीट में नामांकन के अंतिम वक्त पर अपना प्रत्याशी बदल दिया है। सपा ने यहां से बीएसएफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव को अपना प्रत्याशी घोषित करते हुए उन्हें चुनाव चिह्व भी अलॉट कर दिया है। इससे पहले सपा ने यहां से शालिनी यादव टिकट दिया था।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज राय धूपचंडी तेज बहादुर यादव को लेकर नामांकन करने पहुंचे और मीडिया को इस बात की जानकारी दी। शनिवार की शाम से ही इस बात की चर्चा थी कि शालिनी की जगह तेज बहादुर को सपा ने वाराणसी से प्रत्याशी बना दिया है। हालांकि कोई आधाकारिक रूप से इस पर कुछ बोलने को तैयार नहीं था। शालिनी ने पिछले ही दिनों कांग्रेस से सपा ज्वाइन की थी और कुछ घंटे बाद ही वाराणसी से उनके नाम की घोषणा भी कर दी गई थी।

जनवरी 2017 में चर्चा में आए थे तेज बहादुर
बीएसएफ जवान तेज बहादुर उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने जनवरी 2017 में जवानों को मिलने वाले खाने को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो डाला था। इसके बाद अप्रैल माह में बीएसएफ ने उनको अनुशासन हीनता का दोषी मानते हुए बर्खास्त कर दिया था। अधिकारियों ने बताया था कि जांच में कांस्टेबल दर्जे के जवान द्वारा लगाए गए आरोप गलत पाए गए थे।

यादव ने वीडियो में तेज बहादुर ने ये कहा
देशवासियो, मैं आपसे एक अनुरोध करना चाहता हूं। हम लोग सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक, लगातार 11 घंटे इस बर्फ में खड़े होकर ड्यूटी करते हैं। कितना भी बर्फ हो, बारिश हो, तूफान हो, इन्हीं हालातों में हम ड्यूटी कर रहे हैं। फोटो में हम आपको बहुत अच्छे लग रहे होंगे मगर हमारी क्या सिचुएशन हैं, ये न मीडिया दिखाता है, न मिनिस्टर सुनता है। कोई भी सरकार आईं, हमारे हालात वहीं हैं।

प्रधानमंत्री से भी की थी अपील
तेज बहादुर ने वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की थी। उन्होंने कहा था कि, ‘मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि इसकी जांच कराएं। दोस्तों यह वीडियो डालने के बाद शायद मैं रहूं या न रहूं। अधिकारियों के बहुत बड़े हाथ हैं। वो मेरे साथ कुछ भी कर सकते हैं, कुछ भी हो सकता है।’

नियंत्रण रेखा पर तैनात था
यादव जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर तैनात बीएसएफ इकाई का हिस्सा था। यादव बल की 29वीं बटालियन में तैनात थे। जांच के दौरान उन्हें जम्मू में बीएसएफ बटालियन में स्थानांतरित कर दिया गया था। तेज बहादुर ने 9 जनवरी को सोशल मीडिया में वीडियो डालकर खराब खाना दिए जाने की शिकायत की थी। इस मामले ने काफी काफी तूल पकड़ा। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी बीएसएफ से इस मामले की पूरी जांच करने को कहा था। इस वीडियो के आने के बाद कई और जवानों के मिलते-जुलते वीडियो सामने आए थे।

जनवरी 2019 में तेज बहादुर के बेटे ने किया था सुसाइड
तेज बहादुर यादव के 22 वर्षीय बेटे रोहित ने 17 जनवरी 2019 की रात सुसाइड कर लिया था। हरियाण के रेवाड़ी स्थित अपने आवास में रोहित ने खुद को गोली मारी ली थी। घटना के वक्त घर पर कोई नहीं था। तेज बहादुर उस समय प्रयागराज में चल रहे कुंभ मेले में गए हुए हैं वहीं मां शर्मिला देवी अपने ऑफिस में थी।

Source :- www.livehindustan.com

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