युवक ने जब लोगों को आपबीती सुनाई तो लोगों ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं।
महराजगंज लॉकडाउन में आर्थिक दिक्कत हुई तो तेलंगाना के हैदराबाद सिटी से 22 दिनों में लगभग डेढ हजार किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय कर महराजगंज के बेलवा गांव में एक युवक पहुंचा। गांव पहुंचने के बाद यह युवक खुद सीधे क्वारंटीन सेंटर पहुंच गया। युवक ने जब लोगों को आपबीती सुनाई तो लोगों ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं।
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कोठीभार क्षेत्र के लोहेपार गांव निवासी 21 वर्षीय भुवनेश्वर यादव ने बताया कि वह तेलंगाना राज्य के हैदराबाद सिटी में एक सेठ के यहां रहकर कारपेंटर का काम करता था। सेठ द्वारा दिए गए कमरे में पीपीगंज व कुशीनगर के लड़के भी साथ में रहते थे। 25 मार्च को लॉकडाउन हुआ तो एक सप्ताह के अंदर ही पेट भरने की व्यवस्था करने में दिक्कत होने लगी। सेठ ने दो बार खर्च चलाने के लिए कुछ रुपये दिए। किंतु तीसरी बार मना कर दिया। घर आने के सारे रास्ते बंद हो चुके थे।
थक-हारकर उन लोगों ने साइकिल से ही घर चलने का निर्णय लिया। 5 अप्रैल को भुवनेश्वर अपने साथियों के साथ साइकिल से ही हैदराबाद से अपने घर के लिए चल दिया। रास्ते में 3-4 दिन तक भोजन नहीं मिला तो साथ में रखे बिस्किट व नमकीन से काम चलाया। आगे दिक्कत हुईं तो पुलिस कर्मियों ने भोजन उपलब्ध कराया। कटनी और नागपुर में थर्मल स्क्रीनिंग के लिए दो दिन रुकना पड़ा। ठीक 22वें दिन सोमवार को वह ग्रामसभा बेलवा स्थित किसान आदर्श इंटर कालेज में बने क्वांरटीन सेंटर में पहुंचा। सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने भुवनेश्वर के लिए जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई।
