प्रसूता और तीन नवजातों की हालत ठीक है जबकि एक नवजात वेंटिलेंटर पर है।

कोरोना संक्रमित प्रसूता द्वारा चार बच्चों को जन्म देने का यह प्रदेश में अपनी तरह का पहला मामला है। डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर कोरोना जांच के लिए नवजातों का नमूना माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजा है। सफल ऑपरेशन में गायनी, एनेस्थीसिया और बालरोग विभाग के डॉक्टरों का विशेष योगदान रहा है।
- परतावल में अंश अल्ट्रासाउंड व पैथोलॉजी सेंटर का शुभारंभ
- श्यामदेउरवा थाने के नवनिर्मित मुख्य द्वार का एसपी ने किया उद्घाटन
- पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 में गड़बड़ी के आरोप, सत्यापन के नाम पर वसूली की शिकायतें तेज
- प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ट्रॉफी व मिठाई देकर सम्मानित किया गया
- सिसवा मुंशी चौराहे पर होली की उमंग, रंग-गुलाल में सराबोर दिखे लोग
प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि देवरिया के गौरी बाजार की रहने वाली 26 वर्षीय प्रसूता सोमवार की देर रात 11.30 बजे के करीब बीआरडी के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के लिए पहुंची। ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर ने प्रारंभिक जांच की। मामला सिजेरियन का लगा। सिजेरियन से पहले डॉक्टरों ने एंटीजन किट से जांच की तो रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई।
तत्काल प्रसूता को पीएमएसएसवाई चिकित्सालय में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद आधुनिक माड्यूलर ओटी में गायनी और एनेस्थीसिया के डॉक्टरों की टीम ने सिजेरियन प्रसव कराया। एक साथ चार बच्चों के जन्म के बाद तत्काल बाल रोग विभाग की टीम को बुलाया गया और बच्चों के सेहत की जांच कराई गई। चारों बच्चों का वजन एक से डेढ़ किलोग्राम तक है।






