कोरोन वायरस के कारण इंडियन प्रीमियर लीग को स्थगित करने की मांग
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से आयोजित कराए जाने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) पर रोक लगाने का मामला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने वकील और याचिकाकर्ता मोहन बाबू अग्रवाल को नियमित पीठ में याचिका दाखिल करने को कहा है। याचिककर्ता ने कोरोन वायरस के कारण इंडियन प्रीमियर लीग को स्थगित करने की मांग की थी। वहीं बीसीसीआई सूत्रों ने कहा कि 15 देशों का वीजा रद्द होने के चलते कोई भी विदेशी खिलाड़ी 15 अप्रैल तक इस टूर्नामेंट में नहीं खेलेगा।
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आपको बता दें कि 29 मार्च से 24 मई तक खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट पर कोरोना की मार पड़ने के आसार हैं। इस पर रोक लगाने के लिए मद्रास हाईकोर्ट में भी एक अर्जी दी गई है। केरल हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करने वाले वकील जी. एलेक्स बेनजीगर ने एक याचिका दाखिल की है। जस्टिस एमएम सुधींद्र और कृष्णन रामास्वामी की खंड पीठ इस पर गुरुवार को सुनवाई कर सकती है। याचिकाकर्ता का कहना है कि डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट के मुताबिक, अब तक कोरोना वायरस को लेकर कोई खास दवाई या इसके खतरे से बचाव का इलाज मौजूद नहीं है। यह पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहा है और यह एक महामारी जैसी स्थिति बना रहा है।
हमारे पास दो ही विकल्प : राजेश टोपे
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बुधवार को कहा कि राज्य में कोरोना की स्थिति को देखते हुए सरकार के पास दो ही विकल्प हैं। पहला आईपीएल मैचों को स्थगित करना और दूसरा बिना टिकटों की बिक्री के मैचों का आयोजन कराना। उनका यह बयान राज्य में दो लोगों में संक्रमण की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आया है। राज्य सरकार के सूत्रों ने कहा, टिकटों की बिक्री न होना तय है।






