वायुसेना को फ्रांस से मिला पहला राफेल, लेकिन भारत आने में लगेगा अभी वक्त
भारतीय वायुसेना को गुरुवार को उसका पहला राफेल लड़ाकू विमान मिल गया। यहां एयर मार्शल वीआर चौधरी की अगुवाई में दसॉल्ट एविएशन मैन्युफैक्चरिंग युनिट में वायुसेना अधिकारियों को इसे सौंपा गया। पहले राफेल का नाम अगले एयर चीफ आरकेएस भदौरिया के नाम पर है।
- पुलिया निर्माण के बीच बड़ी पहल, वैकल्पिक रास्ते ने खत्म की ग्रामीणों की परेशानी
- परतावल के स्कूलों में वार्षिकोत्सव की धूम, बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
- परतावल में अंश अल्ट्रासाउंड व पैथोलॉजी सेंटर का शुभारंभ
- श्यामदेउरवा थाने के नवनिर्मित मुख्य द्वार का एसपी ने किया उद्घाटन
- पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 में गड़बड़ी के आरोप, सत्यापन के नाम पर वसूली की शिकायतें तेज
वायुसेना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि एयर मार्शल चौधरी ने राफेल को करीब एक घंटा उड़ाकर जांचा-परखा भी। भारत ने इस उन्नत किस्म के लड़ाकू विमान के लिए 2016 में फ्रांस के साथ 60,000 करोड़ रुपये में 36 राफेल खरीदने का एक करार किया था।
सूत्रों ने कहा कि करार के मुताबिक, खरीदे गए राफेल को अभी परीक्षण के कई चरणों से गुजरना होगा और अभी यह कम से कम सात महीने फ्रांस में ही रहेगा।
पहले राफेल का नंबर आरबी-01 है। इसे यह नाम भारतीय अगले वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल आरकेएस भदौरिया के नाम पर दिया गया है, जिन्होंने देश के अब तक के सबसे बड़े रक्षा सौदे को मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
Source :- www.livehindustan.com






