Saturday, December 3, 2022
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रफ़ाल मामले में सुप्रीम कोर्ट से मोदी सरकार को झटका

रफ़ाल मामले में सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को झटका लगा है. कोर्ट ने इस मामले में सरकार की शुरुआती आपत्ति को ख़ारिज कर दिया है.

सरकार ने मामले में पहले सुनाए गए फै़सले को बनाए रखने और पुनर्विचार याचिका ख़ारिज करने की बात कही थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है.

मामले की सुनवाई चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच कर रही है, जिसमें जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ़ शामिल हैं.

फैसले के बाद रक्षामंत्री निर्मला सीतारमन ने इस बात से इनकार किया कि इस फैसले से सरकार कोई झटका लगा है.

उन्होंने कहा, “कोर्ट ने सिर्फ दस्तावेज़ों के संदर्भ में फैसला दिया है, अभी पुनर्विचार याचिका पर सुनावाई बाकी है.”

सुप्रीम कोर्ट ने पहले अपने फ़ैसले में रफ़ाल सौदे की जांच करने की अपील को ख़ारिज कर दिया था.

उसके बाद अरुण शौरी और प्रशांत भूषण समेत कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी.

याचिकाकर्ताओं ने अदालत के सामने कुछ नए दस्तावेज़ पेश किए थे.

उस समय सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट के सामने दो ख़ास बातें कहीं थीं.

  • सरकार का कहना था कि अदालत में पेश किए दस्तावेज़ चोरी के हैं, इसलिए अदालत को उन पर ध्यान नहीं देना चाहिए.
  • सरकार की दूसरी दलील थी कि ये दस्तावेज़ प्रीविलेज्ड यानी गोपनीय हैं और इन पर सार्वजनिक रूप से चर्चा करने से राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरा हो सकता है.

लेकिन बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुनाते हुए सरकार की इन दोनों दलील को ख़ारिज कर दिया.

फैसला आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर रफ़ाल मुद्दे पर मोदी सरकार पर निशाना साधा.

निर्मला सीतारमन ने कहा कि कोर्ट के फैसले में ऐसा कुछ नहीं कहा गया गया है जो कांग्रेस अध्यक्ष दावा कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि, “ये कहना कि कोर्ट ने भी माना कि चौकीदार चोर है, ये अदालत की अवमानना है. जल्द इस मामले में दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा और कांग्रेस कहीं भी मुंह दिखाने लायक नहीं बचेगी.”

पुनर्विचार याचिका दायर करने वालों में से शामिल अरुण शौरी ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर कहा, “तीन जजों ने एकमत से यह फ़ैसला दिया है. उन्होंने सरकार की उस दलील को ख़ारिज कर दिया है जिसमें यह कहा गया है कि इन दस्तावेज़ों को माना नहीं जा सकता है क्योंकि ये चोरी के दस्तावेज हैं.”

उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के लिए अगली तारीख़ तय करेगा और इसकी सुनवाई मेरिट के आधार पर की जाएगी.

अरुण शौरी ने कहा कि यह हमारे लिए एक मौक़े की तरह है जो बहस को आगे बढ़ाने में मदद करेगा.

11 अप्रैल को पहले चरण का चुनाव होने वाला है. ऐसे में ये फ़ैसला सरकार के लिए झटका ज़रूर है लेकिन मतदाताओं पर इसका कोई असर होगा या नहीं ये कहना मुश्किल है.

सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद राजनीतिक गलियारों से प्रतिक्रिया आने लगी है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेठी से अपना पर्चा भरने के बाद संवाददाताओं से कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से यह साबित हो गया है कि रफ़ाल डील में गड़बड़ी हुई है.

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है. राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी भ्रष्टाचार पर उनके साथ बहस करने से डर रहे हैं.

Source :- www.bbc.com

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