14 घंटे बाद दी 1.70 लाख लूट की सूचना, पुलिस की जांच में झूठी
हरपुर तिवारी/परतावल(महराजगंज)। श्यामदेउरवा क्षेत्र के तरकुलवा भटगांवा गांव के सामने बुधवार की रात पौने आठ बजे 1.70 लाख रुपये लूटे जाने का मामला सामने आया। पुलिस के सामने पीड़ित गुरुवार की सुबह 10 बजे घटना के 14 घंटे बाद पहुंचा। पुलिस को शक हुआ तो उसने तहकीकात शुरू की। तहकीकात में पुलिस ने मामला झूठा पाया। अब पुलिस इस मामले में तफ्तीश के आधार पर लूट की दर्ज सूचना को स्पंज कर न्यायालय में धारा 182 की रिपोर्ट प्रेषित करेगी। झूठी सूचना देने पर छह माह की सजा का प्राविधान है। बुधिरामपुर निवासी इम्तेयाज खान की परतावल चौराहे पर टूर एंड ट्रैवेल्स की दुकान है। उसने गुरुवार को सुबह दस बजे श्यामदेउरवा थाने में तहरीर देकर बताया कि बुधवार की शाम को वह अपनी दुकान बंद कर घर जा रहा था।
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परतावल-पनियरा मार्ग पर तरकुलवा भटगांवा के सामने रात करीब पौने आठ बजे एक बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उसे रोक लिया। आंख में मिर्ची पाउडर झोंक उससे 1 लाख 70 हजार रुपये लूट लिया।14 घंटे बाद सूचना देने से संदेह के घेरे में आया लूट की सूचना मिलते ही श्यामदेउरवा पुलिस सकते में आ गई। प्रभारी निरीक्षक निर्भय कुमार सिंह ने पीड़ित से पूछताछ शुरू की। पता चला कि 14 घंटा पहले बुधवार की रात पौने आठ बजे यह घटना हुई है। प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि लूट की सूचना फौरन देनी चाहिए थी। इतनी देर क्यों लगा दिया? इसके बाद इम्तेयाज ने जो कुछ भी बताया वह पुलिस के अनुसार जांच में झूठा निकला।
इन बिन्दुओं पर जांच के बाद झूठी निकली सूचना प्रभारी निरीक्षक निर्भय कुमार सिंह ने इम्तेयाज की तहरीर मिलते ही लूट की सूचना दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी। एसपी को भी पूरे प्रकरण की जानकारी दी। लूट के मामले में पूछताछ में टूर एंड ट्रैवेल्स संचालक ने बताया कि आंख में मिर्ची पाउडर पड़ी थी। जलन हो रही थी। इसलिए इलाज के लिए वापस परतावल आया। एक निजी चिकित्सक के पास इलाज कराया। पुलिस प्राइवेट डाक्टर के क्लीनिक पर पहुंची। पूछताछ में पता चला कि वहां वह आया ही नहीं था। इसके बाद पुलिस फिर सवाल पूछा कि जब परतावल आए थे तो पुलिस चौकी को क्यों सूचना नहीं दिया? डायल-100 पर फोन क्यों नहीं किया? घर पहुंचने के बाद परिजनों को जानकारी दी होती। वह फोन कर लूट की सूचना दे देते। इम्तेयाज का नहीं बल्कि बहन का था पैसापुलिस की पूछताछ में यह पता चला कि जिस 1 लाख 70 हजार रुपए की लूट की बात सामने आई है वह कैश इम्तेयाज का नहीं बल्कि उसकी बहन, भाई व अन्य दूसरे का था।
जांच में पता चला कि बहन का पैसा 23 अक्तूबर को ही इम्तेयाज के पास आया था। फिर उसने दिया क्यों नहीं? क्यों अपने ही पास रखा रहा। पुलिस के मुताबिक यह भी पता चला कि उसने कई लोगों से कर्ज भी ले रखा है।— इम्तेयाज ने लूट की जो सूचना दी थी वह जांच में फर्जी निकली। ऐसे में इस मामले में दर्ज लूट की सूचना को जांच रिपोर्ट के आधार पर स्पंज किया जाएगा। न्यायालय में धारा 182 की रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी। झूठी सूचना देने पर न्यायालय छह माह की सजा से दंडित कर सकती है। रोहित सिंह सजवान-एसपी
Source :- www.livehindustan.com
