भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी युवराज सिंह ने सोमवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने संन्यास की घोषणा की।
भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी युवराज सिंह ने सोमवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने संन्यास की घोषणा की। इस मौके पर उनके साथ पत्नी हेजल और मां भी मौजूद थी। प्रेंस कॉन्फ्रेंस के दौरान युवराज सिंह भावुक नजर आए और इससे पहले एक फिल्म दिखाई गई। युवराज सिंह ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि यह संन्यास लेने का सबसे बेहतरीन दिन था। इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि जब उन्हें कैंसर हुआ था तो सभी ने उनका साथ दिया था। युवराज सिंह ने कहा कि मैंने इस खेल के लिए खून-पसीना बहाया है और अब मेरी प्राथमिकता कैंसर रोगियों की मदद करना होगी।
- सावित्री पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मना शिक्षक दिवस
- स्टर्लिंग पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस
- निचलौल में भीषण सड़क हादसा, चार युवकों की मौत
- प्रसिद्ध बउरहवा बाबा धाम में श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर लगेगा भव्य मेला
- स्कूल वैन की चपेट में आने से दो वर्षीय मासूम की मौत
साल 2011 में खेले गए 10वें आईसीसी क्रिकेट विश्व कप में भारत की जीत के नायक रहे युवराज सिंह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है। सीमित ओवरों के क्रिकेट में युवराज सिंह की गिनती दुनिया के कुछ चुनिंदा विस्फोटक बल्लेबाजों में की जाती है। युवराज ने साल 2011 में भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश की संयुक्त मेजबानी में खेले गए आईसीसी विश्व कप में बल्ले और गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। विश्व कप के दौरान ही युवराज को पता चला था कि उन्हें कैंसर जैसी भयानक बीमारी है। इसके बावजूद उन्होंने पूरा टूर्नामेंट खेला और किसी को भी इसकी भनक तक नहीं लगने दी। युवराज सिंह ने साल 2011 विश्व कप में कई मैच तो खून की उल्टियां करते हुए खेला था। ‘युवराज’ ने क्रिकेट को कहा अलविदा, 19 साल का रहा पूरा करियरभारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौल खिलाफ युवराज सिंह ने सोमवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने संन्यास की घोषणा की। इस मौके पर उनके साथ पत्नी हेजल और मां भी मौजूद थी। प्रेंस कॉन्फ्रेंस के दौरान युवराज सिंह भावुक नजर आए
युवराज सिंह का अंतरराष्ट्रीय करियर
युवराज ने उस विश्व कप के 9 मैचों में 362 रन बनाने के अलावा 15 विकेट भी चटकाए और ‘मैन ऑफ द सीरीज’ बने। भारतीय टीम में युवराज के साथ ही अपना करियर शुरू करने वाले अधिकतर खिलाड़ी पहले ही संन्यास ले चुके थे। इसमें, मोहम्मद कैफ, वीरेंद्र सहवाग, जहीर खान प्रमुख हैं। साल 2000 में केन्या के खिलाफ नैरोबी वनडे से अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का आगाज करने वाले युवराज सिंह ने भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी20 मुकाबले खेले। टेस्ट में युवराज के नाम 3 शतकों और 11 अर्धशतकों की मदद से कुल 1900 रन दर्ज हैं। वनडे में उन्होंने 14 शतकों और 52 अर्धशतकों के साथ 8701 रन बनाए। वहीं टी20 में 58 मैचों में 8 अर्धशतकों की मदद से 1177 रन बनाए। टेस्ट में युवराज का सर्वोच्च स्कोर 169, वनडे में 150 और टी20 में 77* है। बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करने वाले युवराज सिंह ने टेस्ट क्रिकेट में 9, वनडे में 111 और टी20 में 28 विकेट चटकाए।
स्टुअर्ट ब्रॉड की 6 गेंदों पर 6 छक्के
युवराज सिंह ने साल 2007 में खेले गए पहले टी20 विश्व कप में इंग्लैंड के तेज गेंदबाजा स्टुअर्ट ब्रॉड की 6 गेंदों पर 6 छक्के जड़कर अपना नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज करा लिया। महेंद्र सिंह धौनी के नेतृत्व में भारत ने इस विश्व कप के फाइनल में पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था। इस टी20 विश्व कप में भी भारत को विजेता बनाने में युवराज सिंह की भूमिका अहम थी। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबले में 12 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और 16 गेंदों में 58 रन बनाए। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में सिर्फ 30 गेंदों में ताबड़तोड़ 70 रनों की पारी खेली। युवराज ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच साल 2012 में कोलकाता के ईडन गार्डंस मैदान में इंग्लैंड के खिलाफ खेला। उन्होंने अपना आखिरी वनडे मैच 30 जून 2017 को वेस्ट इंडीज के खिलाफ उसी की धरती पर खेला। युवराज ने अपना आखिरी टी20 मुकाबला 1 फरवरी 2017 को इंग्लैंड के खिलाफ बेंगलुरू में खेला।
Source :- www.livehindustan.com







