फर्जी शिक्षकों की जांच के लिए छठवें दिन फिर एसटीएफ की टीम जिले में पहुंची।
महराजगंज। फर्जी शिक्षकों की जांच के लिए छठवें दिन फिर एसटीएफ की टीम जिले में पहुंची। बीएसए कार्यालय पहुंच संदिग्ध शिक्षकों से जुड़ी सूचनाएं एकत्र कर अपने साथ ले गई। एसटीएफ की सक्रियता देख बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप का माहौल है। कई और शिक्षकों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई तय दिख रही है।
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शासन के निर्देश पर एसटीएफ की टीम सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा की जांच कर रही है। एसटीएफ ने दिसंबर 2018 में शिक्षा निदेशक बेसिक को पत्र लिख प्रदेश के सभी जिलों में वर्ष 2010 के बाद से अब तक तैनात उन सभी शिक्षकों की सूची मांगी थी जिन्होंने हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, परास्नातक की डिग्री की द्वितीय प्रति विश्वविद्यालय व बोर्ड से लेकर आवेदन किया था। इसके अलावा उन शिक्षकों का भी ब्यौरा मांगा गया था जिनका पैनकार्ड बदला था। शिक्षा निदेशक के निर्देश पर बीएसए ने सभी बिन्दुओं पर सूचनाएं एकत्र कर निदेशक के माध्यम से एसटीएफ को भेजा था। पिछले शुक्रवार को एसटीएफ के इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालय पहुंची। बर्खास्त हुए शिक्षकों से जुड़ी कार्रवाई का ब्यौरा अपने साथ ले गई थी। एसटीएफ की टीम कुछ और सूचनाएं मांगी थी। जिसको एकत्र करने के लिए बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा था। बुधवार को फिर अचानक एसटीएफ की टीम बीएसए कार्यालय आ गई। सभी सूचनाएं अपने साथ ले गई। इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदार मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं।
गिरफ्तार हो सकते हैं बर्खास्त शिक्षक
एसटीएफ की टीम जनपद में बर्खास्त हो चुके शिक्षकों की गिरफ्तार कर सकती है। इसके लिए बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ दर्ज कराए गए एफआईआर की सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं। जिन बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पाई है उनके मामले में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। एसटीएफ के हत्थे चढ़ने के बाद नियुक्ति की फर्जीवाड़ा रैकेट से जुड़े कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक एकाउंट आदि से जुड़ी सभी सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं।
स्थानांतरण कराकर जनपद में आए हैं कई फर्जी शिक्षक
परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया पर बड़े पैमाने पर धांधली हुई है। जांच सामने आने पर बर्खास्तगी की कार्रवाई जारी है। फर्जीवाड़े की जड़ें इतनी गहरी हैं कि पोल खुलने की डर से दूसरे जिले में तैनात कई शिक्षकों ने स्थानांतरण कराकर महराजगंज आए हैं। इसमें से परतावल क्षेत्र में एक प्रधानाध्यापिका भी शामिल थी। पैन कार्ड से उसकी फर्जी नियुक्ति की पोल खुली। जिसके बाद उसको बर्खास्त किया गया, लेकिन वह गिरफ्त में नहीं आ पाई। क्योंकि वह दूसरे के नाम-पता व डिग्री पर फर्जी ढंग से नौकरी कर रही थी। ताजा मामला निचलौल क्षेत्र में आया है। नेपाल बार्डर से सटे चंदा गुलरभार क्षेत्र के एक परिषदीय विद्यालय में श्रावस्ती जनपद से एक शिक्षक स्थानांतरण कराकर आया है। शिकायत कर्ता उसको ढूंढते-ढूंढते जिले में पहुंच गया। बताया जा रहा है कि इस शिक्षक की भी नियुक्ति फर्जी ढंग से हुई है।
जांच का दायरा बढ़ने से बेनकाब होंगे कई फर्जी शिक्षक
बीएसए जगदीश शुक्ल भी शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहे हैं। इसका असर यह है कि दर्जनों शिक्षक बर्खास्त किए जा चुके हैं। इसमें से कई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया जा चुका है। कुछ की सेवा समाप्ति के बाद अब प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। भर्ती के आवेदन की मूल मदर सूची व जनपद में नव नियुक्त शिक्षकों के वेतन बिल का मिलान करा दिया जाए तो फर्जीवाड़ा के कई मामले और सामने आएंगे। फिलहाल अब विभाग के अलावा एसटीएफ की जांच भी शुरू हो गई है। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि कई और शिक्षक नियुक्ति में फर्जीवाड़ा के आरोप में बर्खास्त हो सकते हैं।
जांच-पड़ताल में एसटीएफ को सहयोग किया जा रहा है। जांच में जिन जिन सूचनाओं की जरूरत पड़ रही है उसे मुहैया कराया जा रहा है। विभाग स्तर पर कई शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है।
Source :- https://www.livehindustan.com
