प्रसूता और तीन नवजातों की हालत ठीक है जबकि एक नवजात वेंटिलेंटर पर है।

कोरोना संक्रमित प्रसूता द्वारा चार बच्चों को जन्म देने का यह प्रदेश में अपनी तरह का पहला मामला है। डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर कोरोना जांच के लिए नवजातों का नमूना माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजा है। सफल ऑपरेशन में गायनी, एनेस्थीसिया और बालरोग विभाग के डॉक्टरों का विशेष योगदान रहा है।
- धानी से सोनौली तक सस्ती बस सेवा शुरू ग्रामीणों को बड़ी सौगात
- कोठीभार में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रक–बाइक टक्कर में पिता-पुत्र दोनों की मौत
- श्यामदेउरवा में इंटरमीडिएट छात्राओं को भावभीनी विदाई, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा फेयरवेल समारोह
- मनरेगा कार्यों का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, जॉब कार्ड में गड़बड़ी पर जताई नाराजगी
- नेपाल जा रही बस दुर्घटनाग्रस्त, चालक की लापरवाही से पांच घायल
प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि देवरिया के गौरी बाजार की रहने वाली 26 वर्षीय प्रसूता सोमवार की देर रात 11.30 बजे के करीब बीआरडी के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के लिए पहुंची। ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर ने प्रारंभिक जांच की। मामला सिजेरियन का लगा। सिजेरियन से पहले डॉक्टरों ने एंटीजन किट से जांच की तो रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई।
तत्काल प्रसूता को पीएमएसएसवाई चिकित्सालय में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद आधुनिक माड्यूलर ओटी में गायनी और एनेस्थीसिया के डॉक्टरों की टीम ने सिजेरियन प्रसव कराया। एक साथ चार बच्चों के जन्म के बाद तत्काल बाल रोग विभाग की टीम को बुलाया गया और बच्चों के सेहत की जांच कराई गई। चारों बच्चों का वजन एक से डेढ़ किलोग्राम तक है।






