महराजगंज: भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के क्रियान्वयन को लेकर महराजगंज जिले में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। योजना के तहत पात्रता सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं लाभार्थियों से अवैध वसूली की शिकायतों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) द्वारा कई ऐसे लाभार्थियों का सत्यापन किया गया है, जिनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं थे। इतना ही नहीं, ऐसे लाभार्थियों को योजना की पहली किश्त भी जारी कर दी गई है। दूसरी ओर, वास्तविक पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित हैं और मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।
मामले को और गंभीर तब माना जा रहा है जब यह जानकारी सामने आई कि विभाग में पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित एक जूनियर इंजीनियर (जे.ई.) की कार्यालय में सक्रिय उपस्थिति बनी हुई है। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति न सिर्फ कार्यालयीन कार्यों में संलिप्त है, बल्कि लाभार्थियों से अवैध धन उगाही में भी भूमिका निभा रहा है।
इस पूरे प्रकरण ने विभागीय पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि सरकारी अभिलेखों में किसी प्रकार की गड़बड़ी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी तय करना भी प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या पात्र लाभार्थियों को उनका हक मिल पाता है या नहीं।






