परतावल- विकासखंड की ग्राम सभा छपिया में सिंचाई विभाग की ओर से नहर पर बनवाए जा रहे पुल के निर्माण कार्य को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पुल की छत की ढलाई के महज चार दिन बाद ही शटरिंग हटाए जाने पर लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर मौके पर पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुल निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है। भारी वाहनों के आवागमन के लिए बनाए जा रहे पुल की शटरिंग केवल चार दिन में ही खोल दी गई। ग्रामीणों के अनुसार जल्दबाजी में शटरिंग हटाने से पुल के ऊपरी हिस्से में हल्की सी क्षति भी दिखाई दे रही है, जिससे लोगों में निर्माण की मजबूती को लेकर संदेह पैदा हो गया है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि यदि पुल पूरी तरह मजबूत हुए बिना तैयार घोषित कर दिया गया तो भविष्य में दुर्घटना होने की आशंका बनी रहेगी।
ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच कराने की मांग की। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की। पुलिस ने ग्रामीणों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को समझाते हुए शांति बनाए रखने की अपील की, इसके बाद मामला शांत हुआ।




