कोरोना को लेकर लॉकडाउन किए गए जनपद में शहरों में प्रशासन ने सब्जी, दूध, फल आदि जरूरी सामानों की बिक्री डोर-टू-डोर शुरू करा दिया है। इससे महंगाई नियंत्रित तो है, लेकिन लॉकडाउन के पहले की तुलना में सब्जियों के रेट में दस से बारह रुपया इजाफा हुआ है। तीस रुपया की दर से आलू व प्याज बिक रहा है। परवर व भिंडी साठ रुपया किलो की भाव से बिक रही है। घर-घर लौकी, गोभी, टमाटर, हरी मिर्च, धनिया भी लोग आसानी से खरीद ले रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में होम डिलिवरी की सुविधा सीधे किसानों ने अपने हाथ में ले लिया है। खेत से सब्जी लेकर किसान सीधे गांव में बेचने चले जा रहे हैं। इससे धानी, फरेंदा, पनियरा आदि क्षेत्रों में लोगों को आसानी से सब्जियां मिल जा रही हैं।
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टेम्पो चालक भी बेच रहे सब्जी
लॉकडाउन के चलते आवागमन बंद होने से सभी सवारी ढोने वाले वाहन खड़े हो गए हैं। इस दौर में भी टेम्पो चालकों ने आय का जरिया ढूंढ लिया है। कारोबारियों को किराया पर टेम्पो को चलती-फिरती दुकान में तब्दील कर दिए हैं। गांव-गांव में गली-गली दरवाजे पर जाकर सब्जी व किराया का सामान बेच रहे हैं। दाम भी निर्धारित दर पर ही ले रहे हैं। परतावल क्षेत्र में आलू तीस रुपया प्रति किलो की दर से बिक रहा है। शहर की तुलना में प्यालज पांच रुपया महंगा है। पैंतीस रुपया किलो का भाव है। निचलौल क्षेत्र में भी सामानों की किल्लत नहीं है। बाजार से दो रुपया अधिक दाम पर दरवाजे पर ही लोगों को रोजमर्रा का सामान मिल जा रहा है।







