महराजगंज में कोरोना के हॉट स्पॉट बने पुरन्दरपुर व कोल्हुई के चार गांव विशुनपुर फुलवरिया, विशुनपुर कुर्थिया, बड़हरा इंद्रदत्त एवं कम्हरिया बुजुर्ग को पूरी तरह से सील करने के बाद पुलिस महकमे ने सख्त निगरानी शुरू कर दी है क्रवार को ड्रोन कैमरा से निगरानी शुरू कराई गई। लोग घरों में ही रहें, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए चारों गांवों में दोनों थानों की आधे से अधिक फोर्स के अलावा फरेंदा थाना से भी पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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सीओ फरेंदा अशोक कुमार मिश्र सुरक्षा व्यवस्था की मानिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस सख्ती का असर यह है कि गांव को सील करने के बाद एक भी आदमी घर से बाहर नहीं निकल पाया है।गेहूं की कटाई पूरी तरह से ठप है। यहां तक की मवेशियों को भी चराने व स्नान कराने के लिए पशुपालक नहीं ले जा पा रहे हैं। एसपी रोहित सिंह सजवान ने बताया कि कोरोना के पाजिटिव केस मिलने के बाद चारों गांवों को पूरी तरह सील कर लोगों को घर के अंदर ही रहने की अपील की गई है। इसमें ग्रामीण सहयोग भी दे रहे हैं।
थाने की आधे से अधिक फोर्स गांव में तैनात
पुरन्दरपुर थाना में थानाध्यक्ष को छोड़ 51 पुलिस कर्मी तैनात हैं। पांच उप निरीक्षक हैं। इनमें से 31 पुलिस कर्मियों की विशुनपुर फुलवरिया व विशुनपुर कुर्थिया गांव में लगाई गई है। इसमें पांच पुलिस कर्मी फरेंदा थाना से बुलाए गए हैं। यही हाल कोल्हुई थानाक्षेत्र के बड़हरा इंद्रदत्त व कम्हरिया बुजुर्ग गांव की है।
फोन काल पर दवा पहुंचा रहे पुलिस कर्मी
कोरोना के हॉट स्पॉट बने चारों गांवों में किसी को जरूरी सामान की जरूरत पड़ रही है तो वह फोन काल कर रहे हैं। इस तरह की व्यवस्था बनाई गई है कि एक फोन काल पर गांव में दूध, सब्जी व किराना का सामान पहुंच सके। दवा की जरूरत पड़ने पर लोग पुलिस कर्मियों के पास फोन कर रहे हैं। वह घर जाकर पर्ची ले रहे हैं। मेडिकल स्टोर से दवा खरीद कर घर पहुंचा रहे हैं।
घर-घर में दिया गया है हेल्पलाइन नम्बर
कोरोना के चलते सील किए गए चारों गांवों में घर-घर हेल्पलाइन नम्बर मुहैया करा दिया गया है। प्रशासन ने ठेला वाले वेंडरों को होम डिलिवरी के लिए तैनात किया है। दूध, किराना, सब्जी के लिए वेंडरों का मोबाइल न्ॉम्बर लोगों को दिया गया है। जरूरत करने पर लोग फोन कर रहे हैं। या फिर घर से करीब से गुजरने वाले वेंडरों को आवाज देकर दरवाजे पर बुलाकर सामान ले ले रहे हैं।
मेडिकल की विशेष टीम तैनात
चारों गांवों में आशा कार्यकर्त्री व एएनएम की ड्यूटी लगाई गई है। वह घर-घर जाकर लोगों के सेहत के बारे में पता लगा रही हैं। किसी को डॉक्टर की परामर्श की जरूरत पड़ रही है तो वह हाटस्पॉट वाले चारों गांवों के लिए विशेष रूप से तैनात मेडिकल टीम में शामिल डॉक्टरों को फोन कर एएनएम व आशा जानकारी दे रही है। ब्लाक से थोड़ी ही देर में मेडिकल टीम बीमार के घर पहुंच इलाज कर रही है। विशुनपुर फुलवरिया गांव में शुक्रवार को मोबारक नाम का एक युवक खेत की तरफ गया था। मेड़ से फिसलने के बाद उसके पैर में फ्रैक्चर आ गया है। सूचना पर एंबुलेंस फौरन गांव में पहुंची और उसे अस्पताल ले गई।
कोरोना के हॉट स्पॉट बने गांवों की निगरानी के लिए प्राइवेट ड्रोन कैमरा लगाया गया है। उसकी रेंज एक किमी तक है। इस परिधि में गांव की सभी गतिविधियां कैमरे में कैद हो जा रही हैं। इससे मदद मिल रही है।
