कोरोना महामारी से पैदा हुए आर्थिक संकट से निपटने के लिए आवास विकास ने कई कठोर कदम उठाए हैं। अब एक से दूसरे शहर आने-जाने के लिए आवास विकास के अधिकारी सरकारी गाड़ी या फिर हवाई जहाज का उपयोग नहीं कर पाएंगे। उन्हें अब बस व ट्रेन से ही आना जाना पड़ेगा।
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कार्यालय में व्यय में 50, विद्युत व्यय में 20 और डीजल-पेट्रोल के मद में 25 प्रतिशत की कटौती का आदेश हुआ है। आवास आयुक्त अजय चौहान ने शुक्रवार को इसका आदेश जारी किया। लॉकडाउन की वजह से आवास विकास की भी हालत पतली हो गयी है। उसकी आय के सारे स्रोत बंद हो गए हैं। ऐसे में आने वाले समय में संकट और बढ़ेगा। इसी को देखते हुए आवास आयुक्त ने खर्चों में कटौती का आदेश जारी किया। संभवत: यह पहला सरकारी विभाग है जिसने खर्चे कम करने के लिए कई बड़े व कठोर निर्णय लिए हैं।
यूपी में मंत्री और विधायकों की सैलरी में 30 प्रतिशत की कटौती
योगी आदित्यनाथ भी मंत्री और सभी विधायकों की सैलरी में 30 प्रतिशत कटौती करने का फैसला लिया है। बीते बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में योगी सरकार ने फैसला लिया है कि विधायकों को मिलने वाली विधायक निधि को एक साल के लिए सस्पेंड किया जाएगा । कटौती से मिले पैसे को कोविड फंड में डाला जाएगा।






