ग्रीन का दर्जा खत्म, फिर आरेंज जोन में महराजगंज
जिले में एक नया कोराना संक्रमित मिल जाने से महराजगंज ग्रीन जोन में आते-आते रह गया। जिला आरेंज जोन में ही है। लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंस का पालन कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती और बढ़ा दी है। जिला व भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने गस्त भी तेज कर दी है। आरेंज जाने के संबंध में अभी प्रदेश सरकार की गाइड लाइन नहीं आने से प्रशासन किसी तरह की छूट देने के मूड में नहीं है। डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने और चौकसी बढ़ाने व कड़ाई से लॉकडाउन का पालन कराने का निर्देश दिया है। 25 मार्च को पहली बार लॉकडाउन हुआ था जो 14 अप्रैल तक रहा। 14 अप्रैल से इसे बढ़ाकर तीन मई तक कर दिया गया। इसके बाद भी जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो इसे फिर से 17 मई तक बढ़ा दिया गया है।
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सरकार ने कोरोना संक्रमितों की संख्या के आधार पर जिलों को रेड, आरेंज व ग्रीन जोन में बाटा है। शुरूआत से महराजगंज में कोई कोरोना का मरीज नहीं मिलने से स्थिति सामान्य थी। लेकिन उसके बाद दो बार में सात लोग कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। पहली बार दो अप्रैल को दिल्ली से आए छह लोगों में कोरेाना का संक्रमण मिला था। क्वारंटीन होने के बाद सभी स्वस्थ्य हो गए। लोगों को लग रहा था कि अब जिला सेफ जोन में आ जाएगा। तीन मई से जिले में कुछ रियायत मिल सकती है। लेकिन 27 दिन बाद गुरुवार को भी दिल्ली से ही आए एक और सख्श में कोरोना का संक्रमण मिल गया।
इससे डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने जिले में रेड अलर्ट जारी कर दिया। भारत-नेपाल सीमा की चौकसी और बढ़ा दी गई। पहले की तरह ही सीमा सील रहेगी। अधिकारियों व पुलिस को किसी प्रकार की ढील नहीं देने का निर्देश दिया है। लॉकडाउन में पहले की तरह से दुकानें, स्कूल-कालेज, माल आदि बंद रहेंगे। जिले से सटे गोरखपुर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर जिले की सीमाएं पहले की तरह सील रहेंगी।






