सीबीएसई ने 1 से 15 जुलाई के बीच बची हुई परीक्षाएं करवाने का निर्णय लिया है

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मार्च में सीबीएसई बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को टाल दिया था। हाल ही में गृह मंत्रालय ने फिर से परीक्षा करवाने की अनुमित दे दी थी। जिसके बाद सीबीएसई ने 1 से 15 जुलाई के बीच बची हुई परीक्षाएं करवाने का निर्णय लिया है। वहीं लॉकडाउन की वजह से दूसरे जिलों या राज्यों में पढ़ने वाले छात्र घर वापस लौट गए थे। ऐसे छात्रों को समस्या ना हो, इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नया प्लान तैयार किया है।
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HRD मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के मुताबिक जो छात्र कोरोना वायरस की वजह से घर चले गए थे, उनको अब दूसरी जगहों के केंद्रों पर परीक्षा देने नहीं जाना पडे़गा। जो छात्र जिस जिले में है, वो वहीं पर अपनी परीक्षा दे सकता है। इसके लिए जून के पहले हफ्ते में छात्रों को स्कूल से संपर्क करना होगा। इस दौरान उन्हें अपने जिले और घर के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी, ताकी उनके जिले में परीक्षा केंद्र की व्यवस्था की जा सके। निशंक के मुताबिक कोरोना महामारी के इस दौर में सीबीएसई पूरी कोशिश कर रहा कि छात्र अपने जिले से ही परीक्षा दें और उन्हें कोई समस्या ना हो।
देशभर में 15 हजार परीक्षा केंद्र
मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के मुताबिक 10वीं और 12वीं की बची हुई परीक्षाएं देशभर के 15 हजार केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। इससे पहले बोर्ड ने केवल 3000 केंद्रों पर परीक्षा करवाने का प्लान बनाया था। मंत्री निशंक के मुताबिक कंटेनमेंट जोन में कोई भी परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। इसके साथ ही छात्रों को अपने साथ मास्क और सैनिटाइजर रखना अनिवार्य होगा।






