केंद्र सरकार ने पलायन बढ़ता देख रविवार को सभी राज्यों की सीमाएं सील करने का निर्देश दिया है। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच केंद्र ने सभी राज्यों से यह भी कहा कि अगर कोई भी लॉकडाउन तोड़ता है तो उसे 14 दिन के लिए क्वारंटाइन में रखा जाए।
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केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद तुरंत कदम उठाते हुए यूपी के डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रदेश की सीमाएं सील की जा रही हैं। प्रदेश की सीमाएं पड़ोसी देश नेपाल के अलावा दिल्ली सहित कुल 9 राज्यों से लगी हुई हैं। इसमें हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड शामिल है।
केंद्र का राज्यों को निर्देश
* प्रवासी मजदूरों की आवाजाही को रोकने के लिए राज्य और जिलों की सीमा को प्रभावी तरीके से सील की जाएं।
* गरीब, जरूरतमंद लोगों, दिहाड़ी मजदूरों को भोजन, आश्रय मुहैया कराने के लिए समुचित इंतजाम किए जाएं।
* राज्यों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि लॉकडाउन के दौरान राजमार्गों या शहरों में लोगों की आवाजाही नहीं हो।
* इन निर्देशों का पालन कराने के लिए डीएम, एसपी को निजी तौर पर जिम्मेदार बनाया जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया भर में महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ से निर्णायक लड़ाई के लिए 24 मार्च की आधी रात से समूचे देश में 21 दिन के लॉकडाउन और 15 हज़ार करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा की थी। पीएम मोदी ने देशवासियों से हाथ जोड़कर विनती की कि वे अपने घर से बाहर बिल्कुल न निकलें क्योंकि इस जानलेवा वायरस के संक्रमण की श्रंखला को तोड़ने का यही एक मात्र रास्ता है।






