दैनिक उपयोग की दुकानों को शुल्क लेकर चलाने की अनुमति देने की तैयारी है।
विकास प्राधिकरण की योजनाओं में 12 मीटर या इससे अधिक चौड़ी सड़कों पर घरों में दैनिक उपयोग की दुकानों को शुल्क लेकर चलाने की अनुमति देने की तैयारी है। आवास विभाग इसके लिए नीति लाने जा रहा है। इससे छोटी-मोटी दुकानें खोलकर पेट पालने वालों को विकास प्राधिकरण से आए दिन मिलने वाले नोटिस से निजात मिल जाएगी।
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विकास प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं के घरों में दुकान चलाने की अनुमति नहीं है। इसके बाद भी बहुत से लोग जरूरत के आधार पर छोटी-मोटी दुकानें करके अपना पेट पाल रहे हैं। विकास प्राधिकरण इन दुकानों को बंद करने के लिए नोटिस भेजता रहता है। इतना ही नहीं इसके चलते लोगों को शोषण का शिकार भी होना पड़ रहा है। आवास विभाग ऐसे लोगों को शोषण से मुक्ति दिलाना चाहता है। इसीलिए आवासीय क्षेत्रों में 12 मीटर या इससे अधिक चौड़ी सड़कों पर जहां 50 प्रतिशत से कम व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, उनसे शुल्क लेकर दैनिक उपयोग की दुकान चलाने की अनुमति देने की तैयारी है, जबकि इससे बड़ी दुकानों पर जुर्माना लगाते हुए इन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
दैनिक उपयोग की श्रेणी में आने वाली दुकानें
जनरल स्टोर, दूध, ब्रेड व मक्खन अंडा की दुकानें, सब्जी व फल की दुकानें, फल व जूस कार्नर, मिठाई व पेय पदार्थ, पान, बीड़ी, सिगरेट की दुकान, मेडिकल स्टोर व क्लीनिक व स्टेशनरी की दुकान, टाइपिंग, फोटो स्टेट व फैक्स, किताब, मैगजीन, अखबार, खेल का सामान, टेलीफोन बूथ, पीसीओ, रेडीमेड गारमेंट, ब्यूटी पार्लर, सौंदर्य प्रसाधन, हेयर ड्रेसिंग व टेलरिंग की दुकान, घड़ी मरम्मत, कढ़ाई-बुनाई व पेंटिंग, केबल टीवी संचालन व वीडियो पार्लर, प्लंबर शाप, बिजली की दुकान, हार्डवेयर, टायर पंचर की दुकानें, कपड़े इस्त्री की दुकान और दैनिक उपयोग की अन्य दुकानों को इसकी श्रेणी में माना जाएगा।
Source :- https://www.livehindustan.com






