यूपी बोर्ड के सभी स्कूलों के कक्षा 6, 7, 8, 9 व 11 के सभी बच्चों को अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया जाएगा। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश का लाभ लगभग 70 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा। प्रदेश में यूपी बोर्ड के लगभग 27 हजार स्कूल हैं।
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आदेश में कहा गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लॉकडाउन के कारण असाधारण परिस्थितियां पैदा हुई हैं। लिहाजा शैक्षिक सत्र को नियमित करने के लिए विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया जाए। प्रदेश में यूपी बोर्ड के 27 हजार स्कूलों में 2000 सरकारी और 4500 सहायताप्राप्त स्कूल हैं। बाकी निजी स्कूल हैं। ज्यादातर स्कूलों में यूपी बोर्ड परीक्षा के कारण गृह परीक्षाएं बाकी थीं या चल रही थीं। जहां खत्म भी हो गई थीं वहां अभी कॉपियां चेक नहीं हो पाई थीं। अभी चूंकि यूपी बोर्ड की कक्षा 10 व 12 वीं की कॉपियां भी चेक नहीं हो पाई हैं लिहाजा लॉकडाउन खुलते ही बोर्ड का रिजल्ट निकालना विभाग की पहली प्राथमिकता होगी।
इससे पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) वर्तमान कोरोनोवायरस लॉकडाउन को देखते हुए कक्षा पहली से आठवीं कक्षा के सभी छात्रों को अगली क्लास में प्रोमोट करने का फैसला ले चुका है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्कूलों से कहा है कि नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा के छात्रों को भी अब तक आयोजित स्कूल आधारित आकलन, प्रोजेक्ट, पीरियड टेस्ट, असेसमेंट टेस्ट के आधार पर अगली क्लास में प्रोमोट किया जाएगा।
आईसीएसई बोर्ड ने भी सभी संबंद्ध स्कूलों से 8वीं तक के बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट करने के लिए कहा है।
यहीं नहीं दिल्ली, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, गुजरात, तमिलनाडु, हरियाणा, राजस्थान, समेत कई राज्यों की सरकारें लॉकडाउन की स्थिति के चलते 8वीं तक स्टूडेंट्स को बिना परीक्षा अगली क्लास में भेजने का ऐलान कर चुकी हैं।
