महराजगंज: लॉकडाउन के कारण करीब एक माह से ठप पड़ी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत अब फिर काम शुरू हो गया है। इसके तहत मजदूरों की जिदगी अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है और गांव में रौनक है।
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- डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने रोहिन नदी के तटबंधों का किया स्थलीय निरीक्षण
- निचलौल बस स्टेशन पर यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं का अभाव
- सिसवा मुंशी चौराहा अंधेरे में डूबा महीनों से बंद हाईमास्ट
- आनंदनगर घुघली नई रेल परियोजना का निर्माण कार्य अब तेजी पकड़ चुका है।
यूं तो जिले में तीन लाख पांच हजार मनरेगा मजदूर हूं। लेकिन इसमें एक लाख अड़तालिस हजार मजदूर ही सक्रिय मजदूर के रूप में काम करते हैं। जबकि अधिकांश मजदूर दिल्ली, मुम्बई, गुजरात, बिहार, पटना, सऊदी सहित विभिन्न प्रांतों में चले गए थे और वहां रोजी-रोजगार कर अपना जीविकोपार्जन करते थे। लेकिन लॉकडाउन के कारण अपने वतन लौट आए। अब उनके पास न काम था न कोई रास्ता। आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया था। उनका जीवन लॉकडाउन पीरियड में पहले से कई गुना ज्यादा मुश्किल हो गया था। लेकिन अब काम शुरू होने से उनके चेहरे पर राहत नजर आई है।
जिले में दो दिनों में 368 ग्राम पंचायतों में काम शुरू हो गया है। इसमें 9000 मजदूरों को काम मिला है। मजदूर मास्क लगाकर फिजिकल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए कार्य कर रहे हैं। पनियरा, मिठौरा हर तरफ मजदूर लगे हुए हैं। काम मिलने से उन्हें खुशी है कि आर्थिक संकट से अब उन्हें नहीं जूझना पड़ेगा और परिवार की रोजी रोटी चलती रहेगी। जिला विकास अधिकारी जगदीश त्रिपाठी ने कहा कि मनरेगा के तहत कार्य शुरू करा दिया गया है। इसके तहत प्रधानमंत्री आवास व मुख्यमंत्री आवास योजना तथा जल संरक्षण के कार्य तालाबों की सिल्ट सफाई, खेतों का समतलीकरण के कार्य पर फोकस है। सभी को मास्क लगाना होगा और फिजिकल डिस्टेंसिग का पालन करना अनिवार्य है।






