बदल सकता है ग्रेच्युटी का ये नियम

देशभर के नौकरीपेशा लोगों के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा ऐलान कर सकती है

देशभर के नौकरीपेशा लोगों के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा ऐलान कर सकती है. दरअसल, केंद्र सरकार इस तैयारी में है कि ग्रेच्युटी के लिए 5 साल की शर्त को खत्म कर 1 साल कर दिया जाये इसके अलावा फिक्स्ड टर्म पर काम करने वालों को भी ग्रेच्युटी देने का प्रावधान लाया जा सकता है | इस बदलाव के बाद ग्रेच्युटी के लिए किसी कंपनी में 5 साल काम करना जरूरी नहीं होगा. सरकार की तैयारी है कि अब जितने दिन काम उतने दिन की ग्रेच्युटी मिलेगी.

फिक्स्ड टर्म वालों को भी ग्रेच्युटी का फायदा मिलेगा. हालांकि अभी यह तय नहीं है कि केंद्र सरकार अब इसके ऐलान में कितना समय लेगी. लेकिन, सरकार के इस फैसले के बाद करोड़ों कमर्चारियों को राहत मिलेगी

क्या है सरकार की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक नौकरी बदलने पर ग्रेच्युटी ट्रांसफर का विकल्प मिलेगा. सरकार ग्रैच्युटी के मौजूदा स्ट्रक्चर में बदलाव की तैयारी कर रही है पीएफ की तरह हर महीने ग्रैच्युटी कॉन्ट्रिब्यूशन का प्रस्ताव दिया गया है. ग्रैच्युटी को भी वैध रूप से CTC का हिस्सा बनाने का प्रस्ताव है

क्या होती है ग्रेच्युटी?
आसान भाषा में समझें तो किसी कंपनी में लगातार कई सालों तक काम करने वाले कर्मचारी को सैलरी, पेंशन और प्रोविडेंट फंड (PF- Provident Fund) के अलावा जो पैसा मिलता है, उसे ग्रेच्युटी कहते हैं. इसका एक छोटा सा हिस्सा कर्मचारी की सैलरी से कटता है, लेकिन ग्रेच्युटी का बड़ा हिस्सा कंपनी अपनी तरफ से देती है. यह एक तरह से कंपनी का लॉन्ग टर्म बेनिफिट की तरह होता है.

कौन करता है ग्रेच्युटी का भुगतान?
किसी भी कंपनी में एक तय समय तक काम करने वाले कर्मचारियों की ग्रेच्युटी दी जाती है. मौजूदा नियमों के मुताबिक, ग्रेच्युटी का हकदार होने के लिए कर्मचारी को कम से कम 5 साल तक एक ही कंपनी में काम करना होता है. मीडिया रिपोर्ट्स में इसी समय सीमा को 5 साल से घटाकर 1 साल करने की बात हो रही है. ग्रेच्युटी एक्ट के मुताबिक, जिस कंपनी में 10 या उससे अधिक कर्मचारी होते हैं, उस कंपनी के कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ मिलता है. ग्रेच्युटी का भुगतान कंपनी ही करती है.

मौजूदा नियमों के मुताबिक कैसे कैलकुलेट की जाती है ग्रेच्युटी?
ग्रेच्युटी की गणित थोड़ी जटिल होती है. लेकिन, चिंता न करें. हम आपको आसान भाषा में समझाते हैं. मान लीजिए कि किसी कर्मचारी ने 30 साल तक एक ही कंपनी में काम किया. कर्मचारी की आखिरी सैलरी में बेसिक और महंगाई भत्ता (Basic Salary + Dearness Allowances) मिलाकर कुल 50 हजार रुपये बनता है. एक बात आपको जाननी जरूरी है कि ग्रेच्युटी का हिसाब एक महीने में 30 दिन के बजाए 26 दिन के आधार पर होता है. क्योंकि बाकी के चार दिन छुट्टी के तौर पर माना जाता है.

अब इस 50 हजार रुपये को 26 से भाग देंगे. भाग के बाद जो रकम निकलेगी, वो 1923.07 रुपये होगी. अब कर्मचारी की सर्विस के कुल सालों को 15 से गुणा करेंगे. दरअसल, एक साल में 15 दिन के आधार पर ग्रेच्युटी कैलकुलेट की जाती है. ऐसे में 30 साल से 15 से गुणा करेंगे तो रिजल्ट 450 आएगा. अब इस 450 को 1923.07 से गुणा करेंगे. इस गुणा के बाद कुल रकम 8,65,381 होगी. इस प्रकार 30 साल तक किसी कर्मचारी के काम करने पर उसके बेसिक सैलरी व महंगाई भत्ते के आधार कुल 8 लाख 65 हजार 381 रुपये की ग्रेच्युटी मिलेगी.

Hot this week

शादी से लौट रहे युवक की सड़क हादसे में मौत दो घायल

महराजगंज - शादी समारोह से लौट रहे बाइक सवार...

भिटौली पुलिस की सिसवा मुंशी चौराहे पर पैदल गश्त, संदिग्ध वाहनों की जांच

महराजगंज - जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने...

रेलवे क्रासिंग बंद होने से परेशानी बढ़ी, बाईपास मार्ग की मांग पर डीएम को सौंपा गया ज्ञापन

महराजगंज :- घुघली–कप्तानगंज रेल मार्ग पर ग्राम सभा मेदनीपुर...

घुघली पुलिस ने तीन वाहन किए सीज अवैध खनन व ओवरलोड पर सख्ती

महराजगंज। जनपद में अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन के...

Topics

शादी से लौट रहे युवक की सड़क हादसे में मौत दो घायल

महराजगंज - शादी समारोह से लौट रहे बाइक सवार...

भिटौली पुलिस की सिसवा मुंशी चौराहे पर पैदल गश्त, संदिग्ध वाहनों की जांच

महराजगंज - जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने...

घुघली पुलिस ने तीन वाहन किए सीज अवैध खनन व ओवरलोड पर सख्ती

महराजगंज। जनपद में अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन के...

मनरेगा कर्मियों का कलमबंद हड़ताल का ऐलान, 17 से 25 अप्रैल तक ठप रहेगा कामकाज

महराजगंज :- विकास खण्ड पनियरा में ग्राम रोजगार सेवकों...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img