रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) ने एडवांस टिकट बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है।
रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) ने एडवांस टिकट बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। पहले से बुक टिकट में अभिभावक अब बच्चों का नाम जुड़वा सकेंगे। हालांकि बच्चों को ट्रेन में बर्थ या सीट नहीं मिलेगी और शताब्दी एक्सप्रेस में यह नियम लागू नहीं होगा।
अभी तक ऐसी सुविधा नहीं थी। बच्चों का नाम जुड़वाने के लिए एडवांस में खरीदा गया टिकट रद्द कराकर नया टिकट खरीदना पड़ता था। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चार माह पहले एडवांस टिकट बुकिंग में यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिल जाता है। लेकिन पांच से 12 साल तक के बच्चों को उक्त कन्फर्म टिकट में शामिल कराने की सुविधा नहीं थी। ऐसा करने के लिए यात्री को अपना कन्फर्म टिकट रद्द करा कर नया टिकट खरीदना पड़ता था। इसमें पीएनआर (पैसेंजर नेम रिकार्ड) बदलते ही कन्फर्म सीट या बर्थ चली जाती थी और ट्रेनों में भारी भीड़ के कारण यात्री को वेटिंग टिकट ही मिलता था।
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उन्होंने बताया, टिकट बुकिंग के नियमों में बदलाव से यह मुश्किल दूर हो जाएगी। हालांकि पहले से बुक टिकट में बच्चों का नाम जुड़वाने पर बच्चों को ट्रेन में बर्थ या सीट नहीं मिलेगी। शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन के चेयरकार एसी-1 में यह नियम नहीं लागू होगा। विकल्प योजना में भी यह नियम लागू नहीं होगा। इसमें रेलवे दूसरी ट्रेन में खाली बर्थ उन यात्रियों को आवंटित कर देती है जिनका टिकट वेटिंग है।
अधिकारी ने कहा, इसके अलावा अभिभावक, माता-पिता अथवा सहायक की संख्या के हिसाब से ही बच्चों को एडवांस टिकट में जोड़ा जा सकेगा। यानी जितने बालिग यात्री होंगे उतनी ही संख्या में बच्चों को जोड़ा जा सकेगा। विदित हो कि रेलवे ने नया नियम अक्तूबर 2018 में लागू कर दिया था। टिकट में नाम जुड़वाने का काम ऑनलाइन या रेल काउंटर के जरिये किया जा सकेगा।
Sources :- livehindustan.com






