सरकार किलोग्राम की नई परिभाषा के मुताबिक इसका नया प्रोटोटाइप अर्थात मूल नमूना तैयार करेगी। नए नमूने से ही पूरे देश में किलोग्राम का वजन तय किया जाएगा। उपभोक्ता मंत्रालय का कहना है कि नए मानक के अनुसार किलोग्राम का वजन 20 मई 2019 से लागू हो जाएगा। इससे किलोग्राम के वजन में मामूली बदलाव आ सकता है, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी पर इसका खास असर नहीं पड़ेगा।
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क्यों बदली परिभाषा
अभी तक किलोग्राम का मानक या परिभाषा इसके द्रव्यमान पर आधारित थी। पूरी दुनिया में किलोग्राम का वजन फ्रांस के इंटरनेशनल ब्यूरो ऑफ वेट्स एडं मेजर्स (बीआईपीएम) की तिजोरी में रखे सिलेंडरनुमा एक बाट से तय किया जाता है। यह 90 फीसदी प्लेटिनम और 10 प्रतिशत इरिडियम से बना है। यह बीआईपीएम की तिजोरी में 1889 से बंद है। पूरी दुनिया 130 साल बाद किलोग्राम को बदल रही है, क्योंकि बीआईपीएम में रखे मानक सिलेंडर का वजन घट रहा है।
क्या होगी नई परिभाषा
किलोग्राम की नई परिभाषा भौतिक स्थिरांक पर आधारित है। इसमें वजन तय करने के लिए धातु की बजाय विद्युत धारा (करंट) को आधार बनाया गया है। नई परिभाषा के जरिये किलोग्राम के 10 करोड़वें हिस्से को भी मापा जा सकता है। इससे दवाओं और बहुमूल्य धातुओं का सटीक वजन करने में बहुत सहायता मिलेगी। नैनो टेक्नोलॉजी के लिए भी यह काफी कारगर रहेगी। पिछले साल नवंबर में 50 से अधिक देशों ने किलोग्राम की नई परिभाषा को मंजूरी दी थी।
Source :- livehindustan.com





